Sarcouncil Journal of Arts and Literature Aims & Scope

Sarcouncil Journal of Arts and Literature

An Open access peer reviewed international Journal
Publication Frequency- BI-Monthly
Publisher Name-SARC Publisher

ISSN Online- 2945-364X
Country of origin-PHILIPPINES
Impact Factor- 4
Language- Multilingual

Keywords

Editors

प्रेमचन्द की कहानियों में सामाजिक चेतना: एक समीक्षात्मक अध्ययन

Keywords: प्रेमचन्द, सामाजिक चेतना, हिंदी कहानी, यथार्थवाद, किसान जीवन, जाति-व्यवस्था, मानवीय संवेदना.

Abstract: हिंदी कथा-साहित्य में प्रेमचन्द की कहानियाँ सामाजिक यथार्थ, नैतिक विवेक और मानवीय संवेदना की प्रभावी अभिव्यक्ति हैं। उसकी कथा-दृष्टि में समाज कथा-वस्तु का सक्रिय और निर्णायक तत्व है और सिर्फ पृष्ठभूमि है। प्रेमचन्द ने साहित्य का केंद्र किसान, मजदूर, स्त्री, निम्न-मध्यवर्ग, धार्मिक-सामुदायिक समूह, औपनिवेशिक व्यवस्था से पीड़ित आम आदमी बनाया। प्रेमचन्द की कहानियों में सामाजिक चेतना के कई पहलुओं का विश्लेषण इस समीक्षा-पत्र में किया गया है। अध्ययन में कफन, पूस की रात, सद्गति, ठाकुर का कुआँ, ईदगाह, बूढ़ी काकी, नमक का दारोगा, पंच परमेश्वर, दो बैलों की कथा और शतरंज के खिलाड़ी जैसी महत्वपूर्ण कहानियों के आधार पर सामाजिक अन्याय, जातिगत विषमता, आर्थिक शोषण, स्त्री-अस्मिता, मानवीय करुणा, नैतिकता, सामुदायिक संबंधों और अध्ययन से पता चलता है कि प्रेमचन्द की सामाजिक चेतना कथा-संरचना, पात्र-निर्माण और यथार्थपरक परिस्थितियों के माध्यम से विकसित होती है, न कि उपदेशात्मक रूप से। वे समाज की कुरूपता को उजागर करते हैं, लेकिन सिर्फ आलोचना नहीं करते; उन्होंने न्याय, सहानुभूति और मानवीय गरिमा की संभावनाओं को भी चित्रित किया है।.

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